लखनऊ

लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने लखनऊ कैंटोमेंट स्थित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में 50 वें रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम का उद्घाटन किया

लखनऊ। छावनी में मध्य कमान के प्रधान नियंत्रक रक्षा लेखा (PCDA) के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र के तत्वावधान में 5 वें से 9 अगस्त 2019 तक 50 वां रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम (DFMC) आयोजित किया जा रहा है। पांच दिवसीय रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम का उद्घाटन 05 अगस्त 2019 को मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र लखनऊ के सभागार में प्रातः 9 बजे किया । इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा ने प्रतिभागियों और गणमान्य लोगों को संबोधित किया।

इस अवसर पर श्री जे पी पाण्डेय,  भारतीय रक्षा लेखा सेवा के अधिकारी, नियंत्रक (क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र), लखनऊ ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि देश भर के विभिन्न स्थानों पर विभिन्न आरटीसी / पीसीडीए और सीडीए द्वारा डिफेंस फाइनेंशियल मैनेजमेंट कोर्स संचालित किए जाते हैं। एक वर्ष के दौरान आयोजित किए जाने वाले पाठ्यक्रमों की संख्या पर सीजीडीए और महानिदेशक वित्तीय योजना, सेना मुख्यालय द्वारा सहमति व्यक्त की जाती है। उन्होंने कहा कि आरटीसी लखनऊ ने सेना अधिकारियों के लाभ के लिए नियमित अंतराल पर रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम का संचालन किया है और 1998 से रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम का संचालन शुरू किया है और तब से हमने पिछले 49वें रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम में लगभग 1800 से अधिक सेना अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है।

इसके दौरान मध्य कमान के चीफ ऑफ स्टाफ (सीओएस)लेफ्टिनेंट जनरल एमयू नायर, ग्रामीण विकास मंत्रालय के अपर सचिव तथा वित्तीय सलाहकार एवं भारतीय रक्षा लेखा सेवा के अधिकारी श्री संजीव कुमार तथा सेना और रक्षा लेखा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम में मुख्यालय के मध्य कमान द्वारा नामित 35 वरिष्ठ सेना अधिकारी भाग ले रहे हैं जिनमें भारतीय रक्षा लेखा सेवा (PCDA), मध्य कमान लखनऊ और एकीकृत वित्तीय सलाहकार (IFA), मध्य कमान, लखनऊ के साथ-साथ भारतीय रक्षा लेखा सेवा के अधिकारी, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) लखनऊ और लखनऊ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर शामिल हैं।

इस वर्ष रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम में अतिरिक्त सचिव (भारत सरकार)  रैंक के वरिष्ठ आईडीएएस (IDAS) अधिकारी / रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (PCDA) / प्रधान एकीकृत वित्तीय सलाहकार (PIFA) / रक्षा लेखा नियंत्रक (CDA) स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किए गए हैं जबकि सेना की तरफ से मेजर जनरल / ब्रिगेडियर / कर्नल की रैंक के अधिकारीगण आमंत्रित हैं। इसके अलावा भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) – लखनऊ एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसरों के अलावा फिक्की (FICCI) एवं नेसिन (NACIN) जैसे संस्थानों से विशेषज्ञों को भी मौजूदा रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम में पहली बार शामिल वित्तीय मामलों के विषयों पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया है। रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय मामलों, आंतरिक लेखा परीक्षा और खरीद पर अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में अधिकारियों की मदद करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

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