लखनऊ

पीजीआई संविदा कर्मचारियों पर एफआईआर से संघ में आक्रोश

-संघ ने प्रदेश व्यापी आंदोलन की दी चेतावनी 

लखनऊ। पीजीआई के संविदा कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने से संविदा संघ में आक्रोश है। संघ का कहना है कि पीजीआई के अफसर महिला कर्मचारी के साथ हो रहे शोषण पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। क्षुब्ध महिला कर्मचारी द्वारा शिकायत करने पर सुनवाई न होने और प्रदर्शन करने पर अफसर उसके ही खिलाफ कार्रवाई कर रहे। पीजीआई के अफसरों की इस कार्रवाई से नाराज संघ ने प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में केजीएमयू, लोहिया संस्थान के संविदा कर्मचारी भी पीजीआई के संविदा कर्मचारियों के समर्थन में उतर आए हैं। संघ के प्रदेश महामंत्री सच्चिदानंद मिश्रा का कहना है कि पीजीआई संविदा कर्मचारी संघ की अध्यक्ष अपराजिता तिवारी को संस्थान में हड़ताल करवाने, तोडफ़ोड़ व अन्य मामलों में आरोपी बनाया गया है। जबकि मुख्य प्रशासनिक अफसर भरत सिंह पर उसने गंभीर आरोप लगाए। इसके बावजूद पीजीआई के निदेशक, सीएमएस आदि ने महिला कर्मचारी के आरोप कि बिना जांच कराए मुकदमा लिखाने का आदेश किया। जबकि पहले मामले में आरोपी अफसर से कार्य छीनकर उसे नोटिस जारी करना और विशाखा कमेटी से जांच करानी चाहिए थी।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने चेतावनी दी है कि अपराजिता समेत अन्य 10 कर्मचारियों को जल्द बहाल नहीं किया गया तो संविदा कर्मचारी प्रदेश व्यापी आंदोलन करेंगे। इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि इस संबंध में पीजीआई निदेशक डॉ. राकेश कपूर से वार्ता करने गए, लेकिन उन्होंने वार्ता से मना कर दिया।

loading...
=>

Related Articles