लखनऊ

बिजली के बिना अब विकास की कल्पना ही नहीं की जा सकती : ब्रजेश पाठक

लखनऊ। मानव जीवन में आज बिजली का महत्व दिनो दिन बढ़ता ही जा रहा है। आधुनिक दौर में सामाजिक व आर्थिक विकास की धुरी बिजली की उपलब्धता बन गई है। इसके बिना अब विकास की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।
यह विचार प्रदेश के अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को स्थानीय यूपीनेडा में ‘‘एयर कंडीशनर का तापमान 24 डिग्री या उससे अधिक रखें’’ विषयक संगोष्ठी के शुभारम्भ के बाद जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने इस अवसर पर जन जागरण हेतु जागरूकता वैन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग और खपत को दृष्टिगत रखते हुए ही राज्य सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास को प्रमुखता दी है।
पाठक ने कहा कि यह वैन पूरे प्रदेश में बिजली के उपयोग एवं बचत के बारे में आम लोगों को जागरूक करेगी। पाठक ने कहा कि देश में वर्ष 2005 में व्यवसायिक फ्लोर स्पेस लगभग 425 मिलियन वर्गमीटर था, जिसमें लगभग 36 बिलियन यूनिट बिजली की खपत होती थी, जिसके आधार पर वर्ष 2017 में 1,114 मिलियन वर्गमीटर फ्लोर स्पेस आंकलित था जिसके लिए 241 बिलियन यूनिट विद्युत खपत आंकलित थी। इस प्रकार देश का विकास होने के साथ-साथ व्यवसायिक, घरेलू एवं अन्य सार्वजनिक भवनों का विकास होगा, जिससे बिजली की खपत लगातार बढ़ जाती है।
मंत्री ने कहा कि भवनों में सबसे ज्यादा विद्युत खपत एयरकन्डीशनर के कारण होती है। उन्होंने कहा कि यह आंकलित किया गया है कि एयरकन्डीशनर का तापमान 01 डिग्री बढ़ाने से लगभग 6 प्रतिशत विद्युत की बचत होती है। सामान्य तौर पर एयरकन्डीशनर का तापमान 18 से 21 डिग्री रखा जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं होता है। यदि एयरकन्डीशनर का तापमान 24-25 डिग्री सेंटीग्रेट रखा जाए, तो बिजली की बचत भी होती है और यह स्वास्थ्य के लिए भी उपयुक्त होता है। यदि हम एयरकन्डीशनर का तापमान 20 से 24 डिग्री कर देते है तो इस 04 डिग्री बढ़ोत्तरी के सापेक्ष हम 24 प्रतिशत बिजली की बचत कर सकते है।
पाठक ने कहा कि इस प्रकार जन-भागीदारी से न केवल बिजली की बचत की जा सकती है वर्न कार्बन उत्सर्जन में भी कमी लाते हुए वातावरण में बढ़ते हुए तापमान को भी कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों का आह्वाहन किया कि सभी अपने घरो एवं कार्यालयों में एयरकन्डीशनर का तापमान 24 डिग्री या उससे अधिक रखें तथा अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। साथ ही इस सम्बंध में उन्होंने व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि वैन द्वारा एयरकण्डीशनर का तापमान 24 सेंटीग्रेड अथवा अधिक रखने से ऊर्जा संरक्षण किए जाने के संदर्भ में जनमानस को जागरूक करने के लिए सकारात्मक पहल सभी के लिए उपयोगी एवं लाभप्रद होगी। उन्होंने बताया कि एसी का तापमान 24 सेंटीग्रेड रखे जाने पर लगभग 960 यूनिट की बचत तथा 6240 रुपये की वार्षिक बचत होगी।
निदेशक यूपीनेडा सुशील कुमार पटेल ने इस अवसर पर बताया कि यह वैन 30 दिवसों में 23 जनपदों से गुजरेगी। वैन लगभग 2000 किमी. की दूरी तय करेगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान से लगभग 40 प्रतिशत जनसंख्या को जागरूक किया जायेगा।
इस अवसर पर सचिव यूपीनेडा अनिल कुमार, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, अशोक कुमार श्रीवास्तव तथा यूपीनेडा के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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