विजयदशमी के दिन मिलेगा देश को पहला राफेल जंगी विमान

नई दिल्ली। वेस्टर्न एयर कमांड को चिनूक और अपाचे हेलीकाप्टर के बाद जल्द ही अब राफेल मिलने वाला है। यह न केवल एयरफोर्स, बल्कि इस महत्पूर्ण एयर कमांड की ताकत को भी और अधिक बढ़ा देगा। इंडियन एयरफोर्स राफेल आगमन की तैयारियों में जुट गया है। राफेल का एक स्क्वाड्रन अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को भी दिया जाना है। यह एयरफोर्स स्टेशन उत्तर भारत का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण एयरफोर्स स्टेशन है।

मौजूदा सुरक्षा हालातों और पड़ोसी देश से चल रहे तल्ख संबंधों के चलते इंडियन एयरफोर्स का ध्यान इस वक्त वेस्टर्न एयर कमांड को ज्यादा से ज्यादा मजबूत बनाने की ओर है। इस कमांड पर उतर भारत में देश की हवाई सीमाओं की सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है।

यहीं से एयरफोर्स न केवल पाकिस्तान और चीन पर नजर रखता है, बल्कि पूर्व में भी दोनों देशों से हुए युद्ध के दौरान इसी एयर कमांड के विभिन्न हवाई अड्डों से कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों का अंजाम दिया गया था। इन हवाई अड्डों में कई संवेदनशील हवाई अड्डों ऐसे हैं, जो आज भी पाकिस्तान के निशाने पर रहते हैं और पूर्व में पाकिस्तान इन एयरबेसों पर एयर स्ट्राइक भी कर चुका है।

लड़ाकू विमान लेने अगले महीने रक्षामंत्री जाएंगे फ्रांस
भारत को पहला राफेल विमान विजयदशमी के दिन 8 अक्तूबर को मिलेगा। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इस लड़ाकू विमान की डिलीवरी लेने अगले महीने खुद फ्रांस जाएंगे। संयोग से 8 अक्तूबर को ही भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस भी है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि राजनाथ 7 अक्तूबर को तीन दिवसीय दौरे पर फ्रांस रवाना होंगे। उनके साथ रक्षा सचिव अजय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जाएंगे।

देश को पहला राफेल विमान सौंपने के कार्यक्रम में फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी और दसॉल्ट के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दसॉल्ट एविएशन ने राफेल का निर्माण किया है। अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ फ्रांस सरकार के शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर व्यापक चर्चा करेंगे।

सूत्रों ने बताया कि वायुसेना की उच्चस्तरीय टीम पहले ही पेरिस पहुंच चुकी है और फ्रांसीसी अधिकारियों के साथ राफेल सौंपने के कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस के साथ 58,000 करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान का सौदा किया था।

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