उत्तर प्रदेशलखनऊ

आईएएस अनुराग हत्याकाण्ड : 10 अक्तूबर को मामले की सुनवाई

– हजरतगंज थाना क्षेत्र में 17 मई, 2017 को हुई थी मौत
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र स्थित मीरा बाई मार्ग पर मृत मिले कर्नाटक कैडर के आईएएस अनुराग तिवारी की मौत के मामले की फिर से विवेचना के लिये कोर्ट में 10 अक्तूबर को सुनवाई होगी। इससे पहले अनुराग के भाई मयंक की ओर से डाली गई याचिका पर कोर्ट ने सीबीआई अफसरों से सुबूतों के साथ कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है। सीबीआई ने अनुराग तिवारी की मौत को हत्या मानने से इंकार करते हुए क्लोजर रिपोर्ट लगायी थी। मयंक ने सीबीआई की इस जांच रिपोर्ट का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी।
गौरतलब हो कि आईएएस अनुराग तिवारी (36) का शव वर्ष 2019 में 17 मई की सुबह मीराबाई मार्ग पर औंधे मुंह पड़ा मिला था। वह मसूरी में ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लखनऊ आए थे और एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह के साथ वीआईपी गेस्ट में ठहरे थे। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी थी। डॉक्टरों ने विसरा व दिल को सुरक्षित रख लिया था। कुछ तथ्यों पर भाई मयंक तिवारी ने हत्या का मुकदमा हजरतगंज में दर्ज कराया था। बाद में जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। सीबीआई ने पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की थी, जिसमें लिखा था कि जांच में कोई ऐसा तथ्य नहीं मिला जिससे हत्या की बात सामने आयी। वहीं परिवारीजन शुरू से ही इसे हत्या बताते रहे हैं। उन लोगों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी सवाल उठाये थे।  पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने सम्भावना व्यक्त की थी कि मौत की वजह हार्ट अटैक है। पर, अगर पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों को ऐसा लगा था तो तुरन्त ही उन्हें नाइट्रो बीटी टेस्ट करना था। इस टेस्ट से अगर हार्ट अटैक से मौत होती तो दिल काला पड़ जाता। पर, यह टेस्ट नहीं किया गया। आरोप है कि आईएएस अनुराग कई घोटाले उजागर करने वाले थे। इससे पहले की उनकी संदिग्ध मौत हो गई।

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