अन्य खबर

आजकल की लड़किया हो रही है इस गंदी आदत का शिकार

आजकल की लाइफ स्टाइल को लेकर हाल ही में महिलाओं को लेकर हाल ही में हुए एक सर्वे में ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने सभी को हैरान और परेशान कर दिया है। सर्वे के मुताबिक, महिलाओं में स्मोकिंग के मामले साल दर साल बढ़ते ही जा रहे है।

सर्वे के अनुसार, आधी सदी पहले फेफड़े के कैंसर से महिलाओं की तुलना में पांच गुना ज्यादा पुरुष मरते थे। लेकिन इस सदी के पहले दशक में यह खतरा पुरुष और महिला दोनों के लिए ही बराबर हो गया। धूम्रपान करने वाले पुरुषों व महिलाओं में फेफड़े के कैंसर से मरने का खतरा धूम्रपान न करने वालों की तुलना में 25 गुना अधिक होता है।

धूम्रपान करने वाली महिलाओं के बांझपन से जूझने की भी आशंका होती है। सिगरेट का एक कश लगाने पर सात हजार से अधिक रसायन संपूर्ण शरीर और अंगों में फैल जाते हैं। इससे अंडोत्सर्ग की समस्या, जनन अंगों का क्षतिग्रस्त होना, अंडों को क्षति पहुंचना, समय से पहले रजोनिवृत्ति और गर्भपात की समस्या पैदा होती है।

ग्लोबल एडल्ट टौबैको सर्वे गेट्स इंडिया 2010 के हालिया आंकड़ों के अनुसार 52.3 फीसदी भारतीय अपने ही घर में, 29.9 फीसदी कार्य स्थल पर और 29 फीसदी सर्वजनिक स्थानों पर सैकेंड हैंड स्मोकिंग के संपर्क में आते हैं। तंबाकू के धुएं में 7000 से ज्यादा रसायन होते हैं, जिनमें से लगभग 70 रसायन कैंसर पैदा करने वाले होते हैं।

loading...
Loading...

Related Articles

PHP Code Snippets Powered By : XYZScripts.com