धर्म - अध्यात्म

अपने बेडरूम में अपनाएं ये वास्तु टिप्स खुल जाएंगी किस्मत और जीवन रहेंगा सुकून भरा

कई बार छोटी चीजें भी आपका भाग्य खोल देती हैं। वास्तु शास्त्र में लिखा है कि बेडरूम में थोड़ा बदलाव करके आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी आ सकती है और पति-पत्नी के बीच प्यार और भी बढ़ सकता है।
मुंबई की गृहणी सुनैना मेहता की अपने पति से बहुत लड़ाइयां होती थीं। लड़ाई के मुद्दे भी मामूली होते हैं जो बाद में तिल का ताड़ बन जाते थे। इसके बाद सुनैना ने कुछ अलग करते हुए बेडरूम को फिर से सेट किया। उन्होंने टूटी हुई CD और डीवीडी प्लेयर को फेंक दिया, जिसे उन्होंने बेड बॉक्स में रखा हुआ था। इसके बाद मेहता की शादीशुदा जिंदगी फिर से खुशहाल हो गई। सुनैना का घर साफ करना यूं ही नहीं था। उन्होंने वास्तु शास्त्र के नियमों पर चलते हुए अपना बेडरूम फिर से सेट किया। उन्होंने कहा, ”मैंने दीवार से एक रोती हुई महिला की अॉयल पेंटिंग भी हटा दी”।
वास्तु सलाहकार और इस विषय पर किताबें लिख चुके लेखक डॉ. नितिन परमार ने कहा, ”वास्तु शास्त्र वास्तुकला का भारतीय ब्रह्मांड विज्ञान है और यह सौहार्दपूर्ण वातावरण लाकर लोगों की जिंदगी में खुशियां, शांति और वैभव लाता है। यह संतुलन और लय बनाकर अच्छी जिंदगी सुनिश्चित करता है”। आज हम आपको बताएंगे कि वास्तु शास्त्र कैसे आपके बेडरूम का नक्शा बदलकर उसे आराम और कायाकल्प की जगह बना देता है।

कौन सी दिशा?

डॉ.परमार के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम में बेडरूम होने से घर के मालिक का स्वास्थ्य अच्छा रहता है और समृद्धि आती है। बेडरूम उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व में नहीं होना चाहिए। दक्षिण-पूर्व में होने से दंपत्ति के बीच झगड़े होते हैं, जबकि उत्तर-पूर्व में होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों का कमरा घर के पूर्व या उत्तर-पश्चिम में होना चाहिए।

बेड की दिशा:

वास्तु के मुताबिक आपके बेड का सिरहाना पूर्व या दक्षिण की ओर होना चाहिए। जबकि गेस्ट रूम में बेड का सिरहाना पश्चिम की ओर हो सकता है। अगर बेड लकड़ी का है तो और भी अच्छा है। धातु का बेड नकारात्मक ताकतें पैदा करता है। प्यार बढ़ाने के लिए एक कपल को सिंगल मेटरेस पर सोना चाहिए और दो अलग-अलग मेटरेस को आपस में जोड़ना नहीं चाहिए।

शीशा:

ड्रेसिंग टेबल रखते वक्त बहुत सावधानी बरतें। वास्तु के मुताबिक आपके बेड के सामने शीशा नहीं होना चाहिए, क्योंकि किसी के सोते हुए की परछाई अगर शीशे में दिखती है तो यह अशुभ माना जाता है।

उपकरणों से बनाए दूरी:

जो भी चीज बेडरूम की शांति को भंग करे, उसकी वहां कोई जरूरत नहीं है, यहां तक कि टीवी भी नहीं। अगर आपके बेडरूम में टीवी है तो उसकी बेड से उचित दूरी होनी चाहिए। शीशे की तरह टीवी की स्क्रीन में भी बेड नहीं दिखना चाहिए। डॉ.परमार के मुताबिक बेडरूम में कंप्यूटर रखने से बचना चाहिए या वह एक खास दूरी पर रखा होना चाहिए। कंप्यूटर और मोबाइल फोन ज्यादा बिजली खपाने वाले उपकरण होते हैं और सेल फोन, कंप्यूटर्स व टीवी में से खतरनाक किरणें निकलती हैं।

पेंट का रंग क्या होना चाहिए:

क्लासिकल वास्तु और फेंगशुई के एक्सपर्ट डॉ. स्नेहल देशपांडे के मुताबिक रंग सिर्फ हमारी दुनिया को रंगीन ही नहीं बनाते बल्कि उनका हमारे मूड, स्वास्थ्य और खुशियों पर भी असर पड़ता है। अपने बेडरूम में अॉफ वाइट, बेबी पिंक और क्रीम कलर का पेंट कराएं। डार्क कलर्स कराने से परहेज करें। अपने कमरे को साफ और व्यवस्थित रखें।

कूड़े को दिखाएं बाहर का रास्ता:

जिन चीजों का इस्तेमाल आपने वर्षों से न किया हो जैसे घड़ियां, बिजली के सामान, टूटी हुई पेंटिंग्स और मशीनों को अपने बेडरूम में न रखें। ये चीजें पॉजिटिव एनर्जी को घर में आने से रोकती हैं और अशांति फैलाती हैं। अपने बेडरूम में वाटर फाउंटेन, एक्वेरियम, युद्ध के चित्र और अकेली महिला की तस्वीर कभी न लगाएं।

खुशबू का कमाल:

अच्छी खुशबू आपका मूड झट से ठीक कर सकती है। इसलिए कोशिश करें कि आपका रूम हमेशा सुगंधित रहे। अपने बेडरूम में सुगंधित मोमबत्तियां, डिफ्यूजर्स या परफ्यूम रखें। आप चमेली या लैवेंडर की खुशबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। देशपांडे ने कहा कि कपल्स को बे़डरूम के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में दिल के शेप वाले चमकीले पत्थर रखने चाहिए। यह आपकी जिंदगी में खुशियां लाएंगे।

इन बातों का भी रखें ध्यान:

  • अपने बेडरूम में गोल या अंडाकार शेप का बेड न रखें।
  • बेड में हमेशा सिर टिकाने की जगह होनी चाहिए। सोते वक्त कभी अपने पीछे खिड़की खोलकर न सोएं।
  • बिस्तर के ऊपर की छत गोल नहीं होनी चाहिए।
  • किसी लोहे की बीम के नीचे नहीं सोना चाहिेए।
  • पूर्वजों की तस्वीरें दीवार पर टंगी हुई नहीं होनी चाहिए।
  • बेडरूम में मंदिर न रखें।
  • घर से टूटी हुई चीजों को बाहर फेंक दें।
  • अगर इस्तेमाल में न हो तो अटैच टॉयलेट का दरवाजा बंद रखें।
  • फर्श को सप्ताह में एक बार पानी में समुद्री नमक घोलकर साफ करें, क्योंकि यह नकारात्मक ताकतों को दूर करता है।
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