झाँसी

जागरूक हो परिवार, डायबिटीज से करो इंकार

अजीत चौधरी
झांसी। परिवार और डायबिटीज थीम पर आधारित इस बार विश्व डायबिटीज दिवस पर आनुवंशिकता के चलते डायबिटीज की चपेट में आ रहे लोगों को जागरूक करना है। अगर किसी के माता-पिता को डायबिटीज है तो उनके बच्चों को भी डायबिटीज होने की संभावना ज्यादा होती है। ऐसे में बहुत जरूरी है कि परिवार के सभी सदस्य इस बीमारी से सतर्क रहे, क्योंकि बचाव ही इसका इलाज है। यह कहना है गैर संचारी रोग सेल के जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. जीएन अगरवाल का।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डा. विजयश्री शुक्ला ने बताया कि डायबिटीज के लक्षणों जैसे कि बार बार भूख व प्यास लगना अथवा भूख लगना कम हो जाना, शरीर के घाव का न भरना, को पहचानने में अधिकतर लोग आज भी देरी कर देते हैं। जिसकी वजह से यह बीमारी बड़ी हो जाती हैं। यदि मनुष्य पांच चीजों का अनुसरण करें तो कभी वह गैर संचारी रोगों से ग्रसित नहीं होगा। इसमें बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू आदि का सेवन न करें, शराब न पियें, सप्ताह में पांच दिन व्यायाम जरूर करें, संतुलित आहार लें। बीमारी की स्थिति में नियमित जांच कराएं और डाक्टर की सलाह पर इलाज करें। लोगों में डायबिटीज के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 14 नवम्बर को विश्व डायबिटीज दिवस मनाया जाता है। अप्रैल 2019 से अक्टूबर 2019 तक करीब 756 पुरुष और 657 महिलाएं डायबिटीज से ग्रसित पायी गयी। यह वह आंकड़ा है जो लोग अस्पताल तक आए। जबकि ऐसे बहुत से लोग है जो जांच कराने तक नहीं आते। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एनसीडी सेल हर माह कैंप आयोजित करती है। अक्टूबर माह में आयोजित कैंप में कुल 1360 नए मरीज डायबिटीज के मिले, जिन्हंे रिफर किया गया। जिसमें से एक दो लोग ही अस्पताल तक जांच के लिए आए।
यह आयोजित होगें कार्यक्रम
जिला कार्यक्रम समन्वयक ने बताया कि विश्व डायबिटीज दिवस के उपलक्ष्य में 14 नवम्बर को सुबह 6 बजे से रानी लक्ष्मीबाई पार्क के सामने कैंप आयोजित किया जाएगा। इसी के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में गोष्ठी का भी आयोजन होगा।

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