Wednesday, September 30, 2020 at 5:35 AM

महाराष्ट्र में साईंबाबा की शिरडी पर बढ़ा विवाद, कल से अनिश्चितकाल के लिए बंद

शिरडी. महाराष्ट्र (Maharashtra)के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की ओर से साईंबाबा (Saibaba) के जन्म को लेकर दिया गया बयान अब विवादों में घिर चुका है. उद्धव ठाकरे के बयान से नाराज लोगों ने रविवार से शिरडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया है. बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने पाथरी को साईंबाबा का जन्मस्थान बताया था. उद्धव ठाकरे ने कहा था कि पाथरी को साईं की जन्मभूमि के तौर पर विकसित किया जाएगा और इसके लिए 100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. उन्होंने कहा था कि शिरडी साईंबाबा की कर्मभूमि थी और पाथरी जन्मभूमि. उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद से लोगों में काफी गुस्सा है.

शिरडी के निवासियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान पर ऐतराज जताते हुए कहा है कि साईंबाबा ने खुद अपने पूरी जीवनकाल में अपने जन्मस्थान का जिक्र नहीं किया. वे हमेशा ही सभी धर्मों को मानने वाले और अपनी जाति परवरदिगार बताते थे. उद्धव ठाकरे के बयान से नाराज बीजेपी सांसद सुजय विखे पाटिल ने ‘कानूनी लड़ाई’ की चेतावनी देते हुए 19 जनवरी से शिरडी बंद का आह्वान किया है.

उद्धव ठाकरे के बयान के बाद बढ़े विवाद को देखते हुए साईंबाबा सनातन ट्रस्ट के सदस्य भाऊसाहब वाखुरे ने कहा- साईंबाबा के जन्मस्थली को लेकर जिस तरह से अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उसके खिलाफ हमने शिरडी अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का आह्वान किया है. शनिवार को गांव में इस मुद्दे पर एक बैठक की जाएगी. ट्रस्ट ने ये भी साफ किया है कि बंद का असर मंदिर में दर्शन करने वाले भक्तों पर नहीं पड़ेगा. ट्रस्ट की कोशिश रहेगी कि इस दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो. प्रसादालय और धर्मशाला का काम रोजाना की तरह ही चलेगा.

शिरडी साईं ट्रस्ट ने अपने मंदिर को रविवार को अनिश्चितकालीन बंद करने की बात कही है.

एनसीपी और कांग्रेस ने सरकार के फैसले का किया बचाव
कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस बयान का बचाव करते हुए कहा, साईंबाबा की जन्म भूमि के विवाद के कारण श्रद्धालुओं की सुविधाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. शिरडी में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. वहीं एनसीपी नेता दुर्रानी अब्दुल्लाह खान ने भी दावा किया है कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि साईंबाबा का जन्मभूमि पाथरी है. उन्होंने कहा शिरडी साईंबाबा की कर्मभूमि थी, तो वहीं पाथरी जन्मभूमि.

क्या है विवाद की असली जड़
ये विवाद तब शुरू हुआ जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में साईंबाबा की जन्मभूमि का नाम पाथरी बताया. पाथरी शिरडी से 275 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने परभणी जिले में स्थित पाथरी के विकास के लिए 100 करोड़ देने का ऐलान करते हुए इसे साईं की जन्मभूमि कहा था.

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