उत्तर प्रदेश

क्राइम सीन पर पहुँचे डीसीपी क्राइम ने लगा दिए राजधानी में लागू हुई आयुक्त प्रणाली पर अंकुश !!

सत्य प्रकाश

लखनऊ | बात किसी सिपाही या दारोगा की हो तो कहा जा सकता है कि ट्रेनिंग का अभाव होने के कारण गलतियाँ हुई,मगर यदि जिले का डीसीपी क्राइम और क्षेत्राधिकारी ही क्राइम सीन पर गलतियाँ करे तो किसी घटना की ठीक तरह से जाँच हो पाना असंभव ही नही नामुमकिन है | थानाक्षेत्र गुडम्बा के शिवानी विहार में हुई घटना के बाद क्राइम सीन पर पंहुँचे डीसीपी की कार्यप्रणाली ने स्मार्ट पुलिसिंग पर सवाल खड़े कर दिए है |

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के वादे को लेकर सत्ता में पूर्ण बहुमत से आई योगी सरकार ने अपने अथक प्रयासों से कैबिनेट में आयुक्त प्रणाली पास कराकर राजधानी लखनऊ और नोयडा में कमिश्नर प्रणाली लागू करने में सफलता प्राप्त कर ली है | वही एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार आईपीएस सुजीत पांडेय को लखनऊ का कमिश्नर भी बनाया है | कार्यभार संभालने के बाद हुई प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आईपीएस सुजीत पांडेय ने यह साफ कह दिया था कि यह कोई आम पुलिसिंग नही है इसके लिए हमे 24×7 डटे रहना पड़ेगा | जिसका साफ उदाहरण शनिवार सुबह दिखा ,राजधानी के गुडम्बा थाना क्षेत्र के शिवानी विहार कालोनी में एक कार चालक ने अपने बच्चो और पत्नी की हत्या के बाद स्वयं फाँसी लगा ली जिससे पुरे इलाके में सनसनी फैल गई | वही घटना की जानकारी मिलते ही नवनियुक्त कमिश्नर पहुँच गए |

परन्तु घटना के समय डीसीपी क्राइम द्वारा ही ऐसी बड़ी घटना में असावधानी बरतना क्राइम केस को ही पूरी तरह घुमा देने वाला है | आयुक्त सुजीत पांडेय ने एक ओर जहाँ लखनऊ पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने की शपथ ली है वही मातहतों की बिना ट्रेनिंग यह असम्भव प्रतीत हो रहा है | बात यदि एक सिपाही ,दरोगा या इंस्पेक्टर की बात की जाए तो यह सम्भव है कि कोई त्रुटि हो परन्तु जिले के डीसीपी क्राइम के रवैये ने लखनऊ के अंदर पहली बड़ी घटना में ही स्मार्ट पुलिसिंग पर अंकुश लगा दिए है | घटना के बाद शवो को सील करके पीएम के लिए भेज दिया गया वही मौके पर पहुँची फोरेंसिक टीम साक्ष्य जुटाने में लगी रही परन्तु इसी बीच नवनियुक्त डीसीपी क्राइम भी मौके पर आ साक्ष्य देखने लगे परन्तु उनके रवैये ने पूरे केस को ही घुमा देने जैसी हरकत कर डाली | एक हो जहाँ फोरेंसिक एक्पर्ट हाथ में रबर ग्लव्स लिए सावधानी पूर्वक एक एक साक्ष्य को जुटा रहा था वही डीसीपी क्राइम और क्षेत्राधिकारी क्राइम केस पर ही स्मार्ट पुलिसिंग की भद्द पिटते नजर आए | उन्होंने घटनास्थल पर ही बिना ग्लव्स पहने ही छानबीन करना और दास्तावेज देखना शुरू कर दिया जिसने उनकी कार्यवाही पर ही सवाल उठा दिये है | आलम यह है कि जब एक वरिष्ठ अधिकारी ही ऐसी गलतियाँ करेगा तो क्राइम सीन से अनेक साक्ष्य स्वतः ही मिट जाएंगे |

लोगो को देते रहे नसीहत

राजधानी गुडम्बा के शिवानी विहार में हुई घटना के बाद जमा भीड़ इकट्ठा हुई तो क्षेत्राधिकारी और डीसीपी ने पत्रकारों को साक्ष्य जमा करने तक रुक जाने की नसीहत दी वही स्वयं पहुँच कर पूरे क्राइम सीन का ही कायाकल्प कर डाला |

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