उत्तराखंड

जम गई हैं नदियां, नल का पानी भी जमा, पूरे सूबा बर्फवारी से त्रस्त

देहरादून। राज्य में बारिश और बर्फबारी से बंद 10 सड़कों को अब तक नहीं खोला जा सका है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बसे गांवों में बिजली, पानी की दिक्कत बनी हुई है। इस बार बर्फ इतनी ज्यादा गिरी है कि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नदियां और पानी की लाइनें तक जम गई हैं। बार्डर पर तैनात सेना, आईटीबीपी के जवानों और बीआरओ को भी मौसम की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

बर्फबारी के कारण बंद हुई दो दर्जन से अधिक सड़कों में से दस को अभी भी यातायात के लिए नहीं खोला जा सका है। जोशीमठ-नीति मार्ग सुरईठोठा और जोशीमठ बदरीनाथ हाइवे हनुमान चट्टी से आगे बंद है। इस क्षेत्र में तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों के लिए जरूरी सामग्री की आपूर्ति हेलीकॉप्टरों के जरिए की जा रही है। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाइवे सुक्की और यमुनोत्री हाइवे फूलचट्टी से जानकीचट्टी तक बंद है।

धारचूला के रांगकांग में नदी जमी
बर्फबारी के कारण मुनस्यारी में न्यूनतम तापमान माइनस 4 डिग्री पहुंच गया। यहां पानी की लाइन जम जाने से लोग आग जलाकर पाइप से पानी निकाल रहे हैं। वहीं धारचूला के रांगकांग गांव में दंगजुग नदी जम गयी है। गब्र्यांग से चीन सीमा की ओर बर्फ से ढकी सड़कें खोलने में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जवानों को दिक्कतें आ रही हैं।

कोहरे ने छुड़ाई कंपकंपी
मंगलवार को कुमाऊं मंडल के तराई-भाबर और हरिद्वार जिले के रुड़की में छाए घने कोहरे ने कंपकंपी छुड़ा दी। वहीं सोमवार धनोल्टी और चकराता की चोटियों में फिर से हुई बर्फबारी से कड़ाके की सर्दी पड़ रही है।

26 जनवरी तक साफ रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने कहा है कि, अब 26 जनवरी तक कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं लेकिन फिलहाल बारिश और बर्फवारी से राहत मिलेगी। बुधवार को हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में कुछ जगह घना कोहरा छाने की संभावना है।

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