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71वें गणतंत्र दिवस और उ.प्र. दिवस का एक साथ आयोजित होना एक विशेष अवसर : योगी

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अवध शिल्पग्राम में ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के 71वें गणतंत्र दिवस और उत्तर प्रदेश दिवस के तीन दिवसीय समारोह का एक साथ आयोजित होना एक विशेष अवसर है। उत्तर प्रदेश देश और दुनिया को बहुत कुछ दे सकता है। इसके लिए प्रदेश की 23 करोड़ जनता को पूरी ईमानदारी और ताकत से अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करना होगा। देश का 71वां गणतंत्र दिवस हमें यही प्रेरणा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्तव्यों के प्रति सचेत रहने से आपसी टकराव नहीं होता, क्योंकि वहां स्वार्थ नहीं होता है। सभी लोग एकजुटता से देश के कल्याण के लिए काम करते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार का कोई मतभेद या मनभेद नहीं होता है। देश का संविधान हमें गौरव की अनुभूति कराता है, क्योंकि इसके कारण ही हम विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र हैं। संविधान ने सभी देशवासियों को समान रूप से मताधिकार दिया है। आज भारत में संविधान लागू होने के 70 वर्ष पूर्ण हुए हैं। संविधान ने सभी देशवासियों को बहुत कुछ दिया है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सभी देशवासियों को बढ़ने का मौका मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे मूल कर्तव्य और मौलिक अधिकारों का उल्लेख है। हमें अपने कर्तव्यों का पालन पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करना चाहिए, तभी देश मजबूत बनेगा और आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि समर्पित राष्ट्र भावना से देश महान बनता है। उत्तर प्रदेश राज्य की स्थापना 24 जनवरी, 1950 को हुई थी, परन्तु इसके स्थापना दिवस का आयोजन वर्ष 2018 से प्रारम्भ हुआ।

समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 07 ग्राम प्रधानों को स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत अपने-अपने गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए सम्मानित किया। सम्मानित किये गये ग्राम प्रधानों में आशा देवी (सम्भल), योगेन्द्र सिंह (फतेहपुर), अशोक कुमार (फर्रुखाबाद), मीरा देवी (कन्नौज), विनोद शुक्ला (कानपुर नगर), सुलोचना देवी (प्रयागराज) तथा लता देवी (बुलन्दशहर) शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग के बेगम अख्तर पुरस्कार से लखनऊ के उस्ताद युगांतर सिन्दूर तथा कानपुर निवासी उस्ताद अफजाल हुसैन खां निजामी को सम्मानित किया। उन्होंने पर्यटन विभाग के तहत विभिन्न परियोजनाओं में निवेश करने वाले उद्यमियों को भी सम्मानित किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में धनराशि का ऑनलाइन प्रेषण बटन दबाकर किया गया। उन्होंने कहा कि आज इस कार्यक्रम के माध्यम से 56 लाख 66 हजार विद्यार्थियों को डी0बी0टी0 के माध्यम से छात्रवृत्ति का वितरण सीधे उनके खातों में किये जाने की व्यवस्था की गयी है। अब छात्रों को छात्रवृत्ति तथा शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए दौड़ना नहीं पडे़गा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लाभार्थियों को 02 अक्टूबर तथा 26 जनवरी को धनराशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरण के तहत राजकीय, शासकीय सहायता प्राप्त व निजी संस्थानों में अध्ययनरत एवं ऑनलाइन आवेदन करने वाले नवीन/नवीनीकरण के सही डाटा वाले समस्त वर्गों के लाभार्थी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाण पत्र का वितरण भी किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मूक बधिर बच्चों द्वारा र्प्रस्तुत किये गये कार्यक्रम का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि कला में पारंगत इन दिव्यांग बच्चों ने आत्म विश्वास से ओत-प्रोत शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने बच्चों के शिक्षकों को इनके साथ कड़ी मेहनत करने के लिए बधाई दी। समारोह के दौरान उन्होंने आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किये।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलायी जा रही हैं। प्रदेश के समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण व जनजाति विकास विभाग द्वारा शादी अनुदान, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, वृद्धावस्था पेंशन, अत्याचार से प्रभावित अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक सहायता, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ जैसी अनेक योजनाएं लागू की गयी हैं। गरीब व अल्पसंख्यक विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए पूर्वदशम छात्रवृत्ति तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाएं लागू की गयी हैं, जिनका लाभ सभी वर्गों के गरीब छात्र-छात्राओं को मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019-20 के दौरान दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत 41 लाख 76 हजार 186 विद्यार्थियों को लाभान्वित करते हुए लगभग 03 हजार 196 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी। इसी प्रकार पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत 56 लाख 66 हजार 996 विद्यार्थियों के मध्य लगभग 03 हजार 554 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की गयी। लाभार्थियों में अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के गरीब बच्चे शामिल हैं।

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