धर्म - अध्यात्म

रात को पूजा करते समय इन बातों का जरूर रखें ख्याल, मिलेगा पूरा लाभ

वैसे तो भगवान की पूजा करने का कोई निर्धारित समय नहीं तय किया गया है। कहने का मतलब यह है कि हम जब भी चाहे भगवान को याद कर उनका स्मरण कर सकते हैं और उनकी पूजा भी कर सकते हैं। हालांकि कुछ देवी-देवताओं के संबंध में हमेशा कहा जाता है कि हमें मान्यतानुसार ही समय का ख्याल रखना चाहिए।

मगर फिर भी जब भी हम रात में भगवान की पूजा करें तो हमें कुछ बातों का खास ध्यान जरूर रखना चाहिए। ऐसा इस वजह से क्योंकि इस समय में की गई पूजा का पूर्ण फल आपको निश्चित ही प्राप्त होगा। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या हैं ये जरूरी बातें जिनका रात में की गई पूजा में जरूर ध्यान रखना चाहिए।

1.रात की पूजा में शंख बजाना

कहा जाता है कि सूरज अस्त हो जाने के बाद देवी-देवता सोने चले जाते हैं। इसलिए ध्यान रहे जब कभी भी आप सूर्यास्त होने के बाद पूजा करते हैं तो शंख कभी भूलकर भी नहीं बजाएं। शंख से ध्वनि प्रवाह होती है जिससे माना जाता है कि उनकी नींद में बाधा आती है। मान्यता यह भी है कि सूरज ढल जाने के बाद शंख बजाने से हानि होती है।

2.रात में नहीं करें सूर्यदेव की पूजा

यदि आप दिन के समय कोई भी विशेष पूजा करते हैं तो उसके साथ दिन में सूरज भगवान की पूजा अवश्य करनी चाहिए। क्योंकि सूर्य देव को दिन का देवता कहा जाता है,मगर इस बात का खास ध्यान रखें रात में पूजा के समय कभी भी सूर्य देवी की पूजा न करें।

3.तुलसी का प्रयोग रात की पूजा में इस तरह करें

भगवान विष्णु एंव श्री कृष्ण और सत्यनारायण जी की पूजा आमतौर पर होती है तो पूजा में तुलसी के पत्ते को प्रयोग भी जरूर किया जाता है। मान्यता यह भी है कि तुलसी के पत्ते के बिना इनकी पूजा आधी रह जाती है। आप जब कभी भी रात के समय पूजा करें तो दिन के समय ही तुलसी का पत्ता तोड़ कर रख लें।

 

क्योंकि सूर्यास्त हो जाने के बाद तुलसी जी के सोने का समय हो जाता है। ऐसे में रात की पूजा में उस बीच कभी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़े। क्योंकि ऐसा करने से देवी तुलसी नाराज हो जाती है।

4.रात की पूजा में दूर्वा का ऐसे करें उपयोग

गणेश जी को सबसे प्रिय दूर्वा होती है। इसलिए आप हमेशा उनकी पूजा में दूर्वा का इस्तेमाल करें क्योंकि इसे बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। भगवान गणेश जी के  अलावा भगवान शिव,सरस्वती,माता लक्ष्मी और अन्य दूसरे देवताओं को भी दूर्वा चढ़ता है।

इसलिए अगर आपको रात के समय पूजा करनी है तो आप दिन में ही दूर्वा तोड़कर रख लें। शास्त्रों मेंं  बताया गया है कि सूरज अस्त हो जाने के बाद वनस्पतियों के साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। वर्ना देवी-देवता निराश हो जाते हैं।

5.रात की पूजा के बाद रखें कुछ बातें ध्यान

रात में पूजा कर लेने के बाद हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि रात में पूजा कर लेने के बाद पूजा में इस्तेमाल किए गए फूल,अक्षत एंव दूसरी चीजों को रात भर पूजा स्थल पर ही रहने दें। इन्हें कभी भी उसी समय पर नहीं हटाने के बजाए सुबह हटाना चाहिए।

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