धर्म - अध्यात्म

व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, तो धारण करें ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष और ज्योतिष

यदि कुंडली में मंगल कमजोर हो अथवा अस्त हो तो ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है।  वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्यारह मुखी रुद्राक्ष का स्वामी मंगल है। इसी कारण ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सभी क्षेत्र में विजय होती है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष एक सफल एवं उत्तम रुद्राक्ष माना गया है, इसलिए हनुमान जी की उपासना करने वाले कारोबारियों को इस रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए।  मेष और वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह रुद्राक्ष बहुत ही लाभकारी है।
रुद्राक्ष धारण करने के नियम तथा विधि
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करनेवाला व्यक्ति सदाचार का पालन करनेवाला होना चाहिए। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति की भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था होनी चाहिए। मांस-मदीरा या अन्य नशे की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।रविवार, सोमवार अथवा शिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें। प्रात:काल में सूर्य को ताम्बे के लोटे से जल चढ़ाएँ। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को जागृत करने के लिए ह्रीं हूँ नम: मंत्र का उच्चारण 108 बार करें।
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ  
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष व्यापारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो लोग अपने व्यापार को देश-विदेश में फैलाना चाहते है, अपना नाम और काम प्रसिद्ध करना चाहते है,  उनके लिए ही यह हनुमान जी का आशीर्वाद भरा ग्यारह मुखी रुद्राक्ष बना है। इसके प्रभाव से रातों रात नाम, शोहरत मिलती है। इस रुद्राक्ष को धारण करने से इसे धारण करने के पश्चात समाज में मान-सम्मान के साथ पद- प्रतिष्ठा मिलती है।
बौद्धिक विकास के लिए
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने के बाद धारण करने वाले व्यक्ति का बौद्धिक विकास होता है। मानसिक शांति मिलती है और किसी भी क्षेत्र में निराशा हाथ नहीं लगती। इस रुद्राक्ष के प्रभाव से व्यापार सम्बन्धी नई नई भावनाएं तथा आईडिया मस्तिष्क में आने लगती है, ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने के बाद व्यक्ति में सकारात्मक बदलाव आने लगते है। अभिमंत्रित 11 मुखी रुद्राक्ष प्राप्त करें
मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं
भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह बहुत ही प्रभावशाली और ऊ$र्जा प्रदान करनेवाला ग्रह है। सौरमंडल में स्थित नौ ग्रहों में मंगल ग्रह सबसे आक्रामक ग्रह है।  ज्योतिषविद मानते है की मंगल ग्रह की पीड़ा को शांत करने के लिए ग्यारह मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए।
कुंडली में मंगल ग्रह अशुभ भाव में बैठे है, ऐसी स्थिति के कारण मन में उदासी, क्रोध, चिडचिडापन उत्पन्न हो रहा है तो ग्यारह मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए उसके बाद स्थिति में एक महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिलता है। अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल अशुभ घर में है या मंगल ग्रह की दशा या अन्तर्दशा चल रही है तो ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को पहनना उचित होता है।
शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय बदलाव …
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय बदलाव आते है, मनवांछित सफलता मिलती है, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है तथा विचारों में सकारात्मकता आती है।  मनोबल में वृद्धि होती है, इच्छाशक्ति को पुनर्जीवित करने में ग्यारह मुखी रुद्राक्ष बहुत ही मदद करता है।
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्?यक्?ति के जीवन में भी शिक्षा प्राप्ति के सभी रास्ते खुल जाते हैं।  यह रुद्राक्ष अपने आप ही जातक का मार्ग प्रशस्त करता है, हमें मार्गदर्शन करता है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष करियर तथा शिक्षा में सफलता दिलाने में सहायक होता है।
धन का आगमन होता है 
ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को जीवन में कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होती है। अचानक धन प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त होने लगते है।  रुका हुआ धन या कर्ज जैसी स्थिति से छुटकारा मिलता है इसलिए बिना संकोच किये शीघ्र ही ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए जो लोग धन की कमी का सामना करते है या भारी कर्ज में है, उन्हें मूंगा धारण करने के बाद वे कर्ज चुकता करने में मदद मिलती है, और अधिक जानकारी समाधान उपाय विधि, प्रयोग या कुंडली विश्लेषण, ओरिजिनल रत्ना, रुद्राक्ष या अन्य ज्योतिष की जानकारी या प्राप्ति के लिए संपर्क करें।

 

loading...
Loading...

Related Articles

PHP Code Snippets Powered By : XYZScripts.com