बिहार

कोरोना से संक्रमित माता भी बन सकती है स्वस्थ शिशु की जननी

Mother infected with corona can also become the mother of a healthy baby

पटना। एक तो कोविड 19 का आतंक, उपर से बरसात का मौसम, जो कई बीमारियों को अपने साथ लेकर आता है, इस समय सभी को सतर्क रहने की जरुरत है. खासकर नवजात शिशुओं का इस समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है और स्वास्थ्य विभाग इसके लिए प्रयासरत है।

शिशु के सुरक्षित स्वास्थ्य के लिए अतिआवश्यक है स्तनपान:

जिला सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया जन्म से 6 माह तक सिर्फ स्तनपान करने वाले शिशुओं में डायरिया से 11% एवं निमोनिया से 15% तक कम मृत्यु की संभावना होती है,जबकि 1 घन्टे के भीतर शिशुओं को स्तनपान कराने से नवजात शिशु मृत्यु दर में 20% की कमी लायी जा सकती है। शिशु के जन्म के तुरंत बाद आने वाले गाढ़े पीले दूध में प्रचुर मात्र मे एंटीबॉडी होते हैं जो बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। साथ ही शिशु के बेहतर विकास के लिए कम से कम 2 साल तक शिशु को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए, माँ के दूध में संपूरक आहार से बच्चे का उपयुक्त शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है तथा बच्चा कुपोषणजनित कई तरह के बीमारियों से बचा रहता है.

कोरोना संक्रमित माता बन सकती है स्वस्थ शिशु की जननी:

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस सोच का पूरी तरह खंडन किया है कि कोरोना संक्रमित माता के प्रसवजात शिशु में कोरोना संक्रामण का खतरा अधिक है । उचित उपायों को अपनाकर बाल मृत्यु को रोकने के लिये तेज़ी से प्रयास की तत्काल आवश्यकता है। नवजात शिशुओं की मृत्यु को उच्च गुणवत्ता वाली प्रसवपूर्व देखभाल, जन्म के समय कुशल देखभाल, माँ और बच्चे के जन्म के बाद उचित देखभाल से रोका जा सकता है।

नवजात के बेहतर स्वास्थ्य मे आने वाले अवरोध :

यूनिसेफ़ के रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रति हजार बच्चो के जन्म पर 23 नवजातों की मृत्यु होती हैं, उसमे से लगभग 40 प्रतिशत नवजात मृत्यु तो जन्म के 24 घंटे

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