जौनपुर

नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं ग्रामवासी

सरायख्वाजा– सड़क स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर जहां प्रदेश सरकार सतत प्रयत्नशील है। वहीं गाँव के प्रधान और जनपद के विभागीय अधिकारी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर कर डमाडोल करने पर उतर गए है। वर्षों से कीचड़ का दंश झेल रहे ग्राम बड़ऊर के बिन्द बस्ती के लोग प्रदेश की भाजपा सरकार से काफी उम्मीदें थी। गाँव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जहां एक ओर जलजमाव से राहगीरों को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है वहीं स्थानीय लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। जबकि कोरोना को लेकर एक तरफ सरकार पूरा प्रयास कर रही है हर जगह स्वच्छ रहे। ऐसे में इसका पलीता रहा है। जानलेवा बीमारी के दस्तक से ग्रामीण भयभीत है।

शाहगंज विकासखण्ड स्थित उक्त गाँव में स्थानीय लोगों के अलावा गाँव के कई घरों के लोगों का आना जाना लगा रहता है वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रही इस गाँव में अक्सर जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हल्की बारिश थमने के बाद गाँव सड़कें हमेशा पानी से भर जाती हैं। जिससे आवागमन की समस्या के अलावा स्थानीय लोगों पर संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। सम्प्रति पूरा विश्व कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। बीमारी से बचाव के लिए साफ – सफाई अति आवश्यक है। वर्षों से इस समस्या से निजात पाने की आस लगाये बैठे है। ग्रामवासी समाचार पत्र के माध्यम से अपनी पीड़ा सम्बन्धित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। ताकि जिम्मेदारी चिर निद्रा से उठकर मामले को गम्भीरता से लेते हुए निजात दिलाए। वर्ना परिणाम भयावह हो सकता है।

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