Thursday, October 1, 2020 at 12:45 PM

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए खुशखबरी, स्वामित्व योजना के जरिए मकानों पर बैंक से लोन लेना होगा आसान

नई दिल्ली। अब आसान हो जाएगा ग्रामीण क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों पर बैंक से लोन लेना, गांवों के मकानों का डिजिटल सर्वेक्षण कई राज्यों में शुरू हो चुका है,

पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-प्रणाली को अपनाएं जाने पर जोर दिया जा रहा है। स्वामित्व योजना के लागू हो जाने के बाद गांव में रहने वाले लोग भी शहरों की तर्ज पर अपने मकानों का व्यावसायिक उपयोग कर सकेंगे।

गांव के लोगों के पास फिलहाल उनके मकानों के कोई कानूनी दस्तावेज नहीं होने से बैंक उसके आधार पर ऋण तक देने से मना कर देते हैं। पंचायती राज मंत्रालय की स्वामित्व योजना पर ज्यादातर राज्यों में क्रियान्वयन होने लगा है।

मंत्रालय के आयोजित वर्चुअल राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार समारोह में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह ने इस योजना को सभी राज्यों से लागू करने की अपील की। देश की तकरीबन दो लाख ग्राम पंचायतें इंटरनेट से जुड़ चुकी हैं। पंचायतों में पारदर्शिता लाने को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ई-पंचायत पुरस्कार की शुरुआत की गई।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत गांवों की आत्मनिर्भरता के बारे में तोमर ने कहा कि इसके मूल में गांव की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है।

पंचायतों की भूमिका को और विस्तार देने के बारे में उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को अब समग्र विकास पर जोर देना है। इसके तहत गांव के हर बच्चे को स्कूल में दाखिल कराना और पोषक तत्व मुहैया कराना भी शामिल है।

स्थानीय शासन के मुखिया होने के नाते सरपंच और ग्राम प्रधानों की भूमिका बहुत बढ़ जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार के लिए कुल 55 हजार से अधिक पंचायतों ने आवेदन किया था।

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