Tuesday, January 26, 2021 at 5:32 PM

संत कबीर नगर, मुख्य सचिव के आदेशों को न मानने वाले अधिकारियों पर कोर्ट की नकेल

संतकबीरनगर जिले में बीते 30 नवम्बर को तास के पत्तों की तरह फेंटे गए ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों के नियम विरुद्ध स्थानांतरण का मुद्दा जब हाईकोर्ट पहुंचा तब कोर्ट ने जिले के अफसरों को नोटिस भेज ये पूंछा है कि कोरोना के दृष्टिगत शासन के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी के द्वारा जारी किए गए आदेशो को क्यों नही माना गया, उनके आदेशो की अवहेलना करते हुए क्यों स्थानांतरण किये गए?
आपको बता दें कि वैश्विक महामारी कोविड 19 के मद्देनजर शासन के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के वार्षिक स्थानांतरण नीति के संदर्भ में बीते 12 मई 2020 को ये आदेश जारी कर कोरोना काल मे किसी भी प्रकार के स्थानांतरण पर रोक लगाई थी, बाबजूद इसके जिले के अफसरों ने 22 ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों को एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में ट्रांसफर कर दिया था । बीते दिनों मुख्य सचिव के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले अफ़सरो के पास पहुंचे स्थानांतरित हुए ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने शासन के मुख्य सचिव के आदेशों का हवाला देते हुए नियम विरुद्ध स्थानांतरण को रोकने की मांग भी की थी लेकिन अफसरों ने उनकी एक नही सुनी जिससे परेशान ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अफ़सरो से ये सवाल किया है कि शासन के मुख्य सचिव के आदेशों की अवहेलना क्यों हुई। पूरे मामले पर ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि शासन के आदेशों को दरकिनार कर अफसरों ने जिस तरह उनके ट्रांसफर किये उसके चलते उन्हें और उनके परिवार को कोरोना काल मे कई मुशीबतो का सामना करना पड़ा। जबकि पूरे मामले पर सीडीओ संतकबीरनगर अतुल मिश्र का ये कहना है कि बीते कई वर्षों से कई ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी एक ही जगह पर जमे हुए थे जिनके सम्बन्ध में जनप्रतिनिधियों के द्वारा मिल रही लगातार शिकायतों के मद्देनजर इनका स्थानांतरण किया गया है।

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