Wednesday, January 27, 2021 at 12:24 AM

चीन का मुसलमानों पर बरपा कहर, 65 फीसदी मस्जिदों को किया ध्वस्त

बीजिंग :चीनऔर पाकिस्तान की दोस्ती दुनियाभर के देशों के सामने छिपी हुई नहीं है। इसके बावजूद भी चीन अपने देश में मुसलमानों के खिलाफ जमकर कहर बरपाता है।  मुसलमानों को तबाह करने के बाद भी चीन नहीं रुक रहा है। चीन ने उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय को खुले तौर पर इस्लामिक विश्वास को प्रकट करने से रोकने के लिए अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है। चीन के प्रशासन ने कथित तौर पर दूरदराज के इलाकों और छोटे गांवों में मस्जिदों के गुंबदों और मीनार को नष्ट कर दिया है। अब तक चीन 65 फीसदी मस्जिदों को नष्ट कर चुका है। इस तरह की तबाही बड़े पैमाने पर इनर मंगोलिया, हेनान और निंगक्सिया के क्षेत्रों में मचाई गई है, जो चीनी मुस्लिम में अल्पसंख्यक हुई की मातृभूमि है। चीनी अधिकारियों ने इसके अलावा, युन्नान प्रांत की तीन मस्जिदों को जबरन बंद कर दिया है।लेकिन चीनी सरकार बड़ी संख्या में इस्लामिक स्थलों को नष्ट करने की बात से इनकार करती रही है

ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक नीति संस्थान ने खुलासा किया है कि 2017 के बाद से, चीन ने 65 फीसदी मस्जिदों और 58 फीसदी महत्वपूर्ण इस्लामिक स्थलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। स्टडी में भविष्य में कम्युनिटी गैदरिंग और त्योहारों के अपराधीकरण, शिक्षाविदों के गायब होने की ओर इशारा किया गया। सिर्फ काशगर में ही, साल 2016 के बाद से 70 फीसदी मस्जिदों को ध्वस्त कर दिया गया है। हालांकि रेचल हैरिस जोकि एथ्नोम्यूकोलॉजिस्ट और उइगर एक्सपर्ट हैं, कहना है कि यह संख्या 80 फीसदी है। पूरे पुराने शहर को ध्वस्त कर दिया गया और इसके निवासियों को विस्थापित किया गया।

चीन ने सार्वजनिक रूप से इस्लामिक प्रार्थना को भी आपराधिक बना दिया है और स्थानीय अधिकारियों ने मुस्लिम घरों में अधिकारियों को उन पर नजर रखने और यहां तक कि निजी प्रार्थनाओं को बंद करने के लिए भेजा है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग स्पष्ट रूप से मुस्लिम समुदाय को उनकी विरासत से अलग करने के लिए उन्हें टारगेट कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कई उइगर मजार स्कॉलर्स भी अचानक साल 2017 में गायब हो गए, जिसके बाद आजतक उनका पता नहीं चल सका।

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