Monday, January 25, 2021 at 3:55 AM

भारत के सामने मुश्किल चुनौती…

नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन मे आखिरी टेस्ट मैच खेलना है। चार मैचों की टेस्ट सीरीज में अब तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर है। गाबा में खेला जाने वाले यह मुकाबला निर्णायक होने वाला है। ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड ब्रिसबेन में लाजवाब है और 1988 के बाद से टीम यहां कोई भी टेस्ट मैच नहीं हारी है।

भारतीय क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसके सबसे मजबूत गढ ब्रिसबेन में खेलना है। यह मैदान मेजबान के लिए किसी सबसे सफल मैदान रहा है। अब तक यहां टीम ने 1988 के बाद से कोई भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया है। इस मैदान पर पिछले 31 मैच में टीम को हार नहीं मिली है और वह भारत के खिलाफ भी इस रिकॉर्ड को बरकरार रखना चाहेगा।

विराट कोहली के जन्म वाले साल हारी थी ऑस्ट्रेलिया

साल 1988 के नवंबर में ऑस्ट्रेलिया की टीम को हार मिली थी। इत्तेफाक से इसी साल नवंबर में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का भी जन्म हुआ था। तब वेस्टइंडीज की टीम ने खतरनाक गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया था। पहली पारी में मेजबान टीम 167 जबकि दूसरी पारी में 289 रन ही बना पाई थी। वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 394 जबकि दूसरी पारी में 1 विकेट पर 63 रन बनाकर मैच जीता था।

भारत के सामने मुश्किल चुनौती

चौथे टेस्ट में उतरने से पहले भारतीय टीम के सारे अनुभवी तेज गेंदबाज चोटिल हो चुके हैं। इशांत शर्मा दौरा शुरू होने से पहले सीरीज से बाहर हो गए थे तो मोहम्मद शमी पहले मैच में चटिल हो गए। दूसरे टेस्ट में उमेश यादव को चोट के कारण सीरीज से बाहर होना पड़ा। तीसरे टेस्ट के बाद जसप्रीत बुमराह चोटिल हो गए हैं। ब्रिसबेन में मोहम्मद सिराज होंगे जिनके पास महज 2 टेस्ट का अनुभव है। प्लेइंग इेलवन में नवदीप सैनी के अलावा शार्दुल ठाकुर को लिए जाने की संभावना है।

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