इस साल 5 से 10% तक महंगा हो सकता है गाड़ी का इंश्योरेंस

इंश्योरेंस कंपनियों का तर्क है कि कोरोना के कारण उनको बहुत नुकसान हो रहा है। वाहनों की कम बिक्री और कम चलने की वजह से मोटर इंश्योरेंस का प्रतिशत घटा है। बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर (रिटेल सेल्स) आदित्य शर्मा ने बातचीत में कहा कि कोरोना की वजह से वाहनों की बिक्री घट गई है। इसके कारण बीते वित्त वर्ष मोटर इंश्योरेंस इंडस्ट्री को 1.7% डी-ग्रोथ का सामना करना पड़ा था। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-नवंबर अवधि में मोटर इंश्योरेंस में 3.9% की वृद्धि दर्ज की गई है। लेकिन कोविड पूर्व की तुलना में यह अब भी 5.1% कम है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम में भी बढ़ोतरी हुई है। कुछ कंपनियों की सॉल्वेंसी उनकी प्रस्तावित सीमा से ज्यादा हो गई है। इससे भी कंपनियों पर थर्ड पार्टी इंश‍योरेंस का प्रीमियम बढ़ाने का दबाव है। इरडा ने भी इस साल थर्ड पार्टी प्रीमियम बढ़ाने के संकेत दिए हैं। लेकिन पिछले 2 सालों से मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम नहीं बढ़ा। इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से इरडा पर प्रीमियम बढ़ाने का दबाव है। हालांकि अभी ये तय नहीं है कि प्रीमियम कितना और कब बढ़ेगा। वित्त वर्ष 2022-23 की शुरुआत से यह बढ़ोतरी हो सकती है।

 

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