Saturday, January 22, 2022 at 2:51 AM

अगर पसंद आ जाएं गैर मर्द तो पाकिस्तान की ये महिलाएं तोड़ देती हैं अपनी शादी

खैबर-पख्तूनख्वा :पाकिस्तान में महिलाओं को उतनी फ्रीडम नहीं है, जितना दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों में है. लेकिन आज हम आपको पाकिस्तान में रहने वाली एक ऐसी जनजाति के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी महिलाएं बहुत ही आजाद तरीके से रहती हैं. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस समुदाय की महिलाएं अपने पति को छोड़कर गैर-मर्द से शादी कर सकती हैं.

पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में अफगानिस्तान के बॉर्डर पर चित्राल घाटी में बिरीर, बाम्बुराते और रामबुर इलाके हैं. इन्हीं इलाकों में कलाशा नामक जनजाति निवास करती है. इस जनजाति का कल्चर पाकिस्तान के कल्चर से एकदम अलग है. कलाशा जनजाति की आबादी 4 हजार के आस-पास है. इस जनजाति की महिलाएं जितने आजाद तरीके से रहती हैं. उन्हें जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे.

पाकिस्तान के सबसे कम संख्या वाले अल्पसंख्यकों में कलाशा जनजाति का नाम आता है. अगर इस समुदाय की किसी भी महिला को कोई गैर मर्द पसंद आ जाता है तो वह अपनी शादी तोड़कर उस मर्द से शादी कर लेती हैं. हिंदू कुश पहाड़ों से घिरे इलाके में इस समुदाय के लोग रहते हैं. इस समुदाय का मानना है कि हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला से घिरा होने के कारण उसकी सभ्यता सुरक्षित है.

हिंदू कुश पर्वत के कई ऐतिहासिक संदर्भ हैं. इस इलाके में सिकंदर ने जीत हासिल की थी. इसके बाद इसे कौकासोश इन्दिकौश कहा गया था. यूनानी भाषा में इसका अर्थ हिंदुस्तानी पर्वत होता है. इसलिए इस समुदाय के लोगों को सिकंदर का वंशज भी कहा जाता है. इस समुदाय के लोग यहां लकड़ी और मिट्टी से बने छोटे घरों में रहते हैं. इस समुदाय की महिलाएं पुरुषों के साथ बैठकर किसी भी त्यौहार या आयोजन पर शराब पीती हैं.

इस समुदाय में कमाई के ज्यादातर काम औरतों ने ही संभाल रखे हैं. समुदाय की औरतें भेड़-बकरियों को चराने पहाड़ों पर जाती हैं. इसके अलावा घर पर रंगीन मालाएं और पर्स बनाती हैं. महिलाएं सजने-संवरने की बहुत शौकीन होती हैं और अपने सिर पर खास किस्म की टोपी तथा गले में पत्थर की रंगीन मालाएं पहनती हैं.

हर तरह के आयोजन पर यहां के लोग संगीत पसंद करते हैं. अपने त्यौहारों में ये बांसुरी और ड्रम बजाते हैं तथा नाचते-गाते हैं. पाकिस्तान के बहुसंख्यकों के डर से यहां के लोग अपने पारंपरिक अस्त्र का उपयोग करते हैं. इसके अलावा अत्याधुनिक बंदूक भी अपने पास रखते हैं. इस समयुद के लोगों के तीन मुख्य त्यौहार कैमोस, जोशी और उचाव हैं.कैमोस,को ये अपना सबसे बड़ा त्यौहार मानते हैं. यह दिसंबर महीने में मनाया जाता है.

कैमोस,का त्यौहार ही ऐसा मौका होता है जब इस समुदाय की महिलाएं और लड़कियां अपने लिए मर्द तलाश करती हैं. यह त्यौहार अविवाहित लड़कियों के लिए तो खास होता ही है. इसके अलावा विवाहित महिलाओं के लिए भी बहुत खास होता है. इस समुदाय के लोगों में संबंधों को लेकर इतना ज्यादा खुलापन है कि यदि विवाहित महिलाओं को कोई दूसरा मर्द पसंद आ जाए तो वह अपनी शादी तोड़कर उसके साथ रहने चली जाती हैं.