बाहर निकलीं नवनीत राणा तो उतारी गई आरती

मुंबई। अमरावती सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा को 4 मई को शर्त के साथ जमानत मिल गई थी। वहीं जेल से बाहर आने के बाद नवनीत राणा मेडिकल जांच के लिए लीलावती अस्पताल पहुंचीं थीं। जहां उन्हें एडमिट करा दिया गया था। अब नवनीत राणा को रविवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

गौरतलब है कि अस्तपाल से बाहर निकलने के बाद भारी तादाद में नवनीत राणा के समर्थकों ने उनका स्वागत किया। वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने सांसद नवनीत राणा को तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसपर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

वैभव नाम के एक यूजर ने लिखा, “बॉर्डर से आ रही है सीधे जंग जीत कर इनको चाय नही मिली थी पर काफी बहुत पी है इन्होंने।” वहीं कुछ यूजर ने कहा कि अगर आपको हनुमान चालीसा पढ़नी ही है तो अपने घर पर पढ़िये।

इस मौके पर नवनीत राणा के पति और निर्दलीय विधायक रवि राणा ने कहा कि एक महिला के साथ जिस तरह से व्यवहार हुआ है, उसके खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। एक महिला सांसद को जेल में पानी तक नहीं दिया जाता है। अस्पताल में भर्ती नहीं किया जाता और जेल में 14 दिन रहना पड़ता है। यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है। ऐसा महाराष्ट्र में कभी नहीं हुआ।

रवि राणा ने कहा कि यह सब कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सब उद्धव ठाकरे के इशारों पर हो रहा है। रवि राणा ने कहा कि हम दिल्ली जाकर न्याय की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि उद्धव सरकार के अहंकार का जवाब हनुमान भक्त जरूर देंगे।

See also  अरमान कोहली को मुंबई की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

वहीं अस्पताल से बाहर निकलने के बाद नवनीत राणा ने मीडिया से कहा कि आखिर किस बात की सजा दी जा रही है? राजद्रोह केस लगने के बाद जेल गई नवनीत राणा ने सवाल किया कि आखिरकार उनका गुनाह क्या था? अगर हनुमान चालीसा पढ़ना या फिर भगवान का नाम लेना अपराध है तो फिर वे 14 दिन नहीं, बल्कि 14 साल सज़ा भुगतने के लिए तैयार हैं।

बता दें कि राणा दंपत्ति की रिहाई के बाद माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार दोबारा उनके खिलाफ कोर्ट जा सकती है। दरअसल राणा दंपत्ति को जमानत मिलने के शर्त रखी गई थी कि हनुमान चालीसा विवाद को लेकर वे मीडिया में बात नहीं करेंगे।