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Saturday, October 16, 2021 at 10:28 AM

स्थानीय समाहरणालय सभागार में धार्मिक न्यास एवं वरीय अधिकारियों के साथ विधि मंत्री ने की बैठक

हाजीपुर। बिहार के विधि मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हजारों एकड़ जमीन जिस उद्देश्य से मठ-मंदिरों को दान दिया गया था, उसकी प्राप्ति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने लगभग 20 जिलों में भूमि सर्वे कार्य चलाया है। इसका उद्देश्य भूमि के वास्तविक हकदार को उसका भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र दिलाने का है। इसी सर्वे के तहत ही राज्य के सभी मठ-मंदिरों की जमीन का सर्वे हो जाएगा और उसका स्वामित्व प्रमाण पत्र मंदिर के नाम पर ही दिया जाएगा।

स्थानीय समाहरणालय सभागार में धार्मिक न्यास एवं वरीय अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए विधि मंत्री ने कहा कि हर हाल में मठ-मंदिरों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा और जो भी अवैध कब्जाधारी हैं, उनके विरूद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने एक पोर्टल बनाया है, जिसपर मंदिर से संबंधित सूचनाएं अपलोड कराई जाएगी, ताकि उसका नियमित अनुश्रवण किया जा सके।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जननी वैशाली से इस अभियान की शुरूआत की जा रही है। इसे एक माडल के रूप में लिया जाएगा और सभी जिलों में बैठक कर इसकी समीक्षा की जाएगी और जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सबसे पहले मंदिर के जमीन का रकवा, उसका खाता, खेसरा पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। उसके बाद वहां किए गए अतिक्रमण को चिन्हित किया जाएगा। अगर कोई न्यायालय विवाद है, तो उसे भी चिन्हित किया जाएगा और सभी बाधाओं को दूर कर मंदिर की भूमि अतिक्रमण मुक्त कराकर मंदिर को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उस जमीन की सीमाओं की घेराबंदी कराई जाएगी।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मंदिर की संपति राष्ट्र की संपति है। जिसका संरक्षण और संव‌र्द्धन सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बहुत से मंदिर हैं, जो निबंधित नहीं हैं। कुछ जगह नया निर्माण हुआ है, कुछ जगह निर्माण कार्य चल रहा है। वैसे सभी निबंधित, गैर निबंधित एवं निर्माणाधीन मंदिरों की सूची खाता, खेसरा, रकवा के साथ न्यास परिषद के पोर्टल पर अपलोड कराने का निदेश सभी सीओ को दिया गया है और इसके लिए उन्हें एक माह का समय दिया गया है।